Rakhi ka tohharr he ,
राखी का त्योहार है,
आज खुशी का इजहार बौछार है,
बैहना अयी मेरे घर,
राखी लेके हातों में संग,
भाई बहन का यही तो piyar है,
बहन का piyar वो चीज है,
जो हर पल याद आती रैहती है,
अगर भाई रूठ जाए,
तो बहन सबसे पैहले पुछती है,
किया हुआ भाई आज उदास कियू है,
कोई मुश्किल गड़ी अये तो,
तो बोल पड़ती है,
घबराओ नहीं भाई में हूं ना,
बहन वो चीज है
5 साल के उमर से ही अपने मां बाप के गरों में
हाथ बटाना और घरों को सवार ने में जुटी रहती है,
और जब पराई हो जाती है फिर किसी और के घर में
जाकर फिर उसे अपना बनाने में और घरों को सवार ने,
में जुटी रहती है जो घर अपना था वो पराया हो जाता है,
मगर फिर भी मां बाप के घर को और भाई को कभी नहीं भुल ती है
कभी ये घर वाले कभी वो घर वाले,
दोनों घर वालों को piyar de कर चलती है,
और ना जाने कितने दर्द छपाकर अपने दिल में ले कर चलती है,
अगर उससे पूछो कैसी है वो हमेशा हस कर जवाब,
देती है में टिक हूं,
अगर दोनों परिवारों में से किसी को भी परेशानी हो,
फौरन हाजिर होती है, और परेशानी को दूर करने में,
सामिल हो जाती है,
मगर उसकी परेशानी को कोई भी नहीं समझ ता है,
भाई लोग अपनी बहन के piyar ko समझो,
कभी उसको अकेला महेसुश मत होने दो,
और जब भी rakhsha bandhan आए तो,
उसके पास जरूर जाओ और रूठी हो तो मनाओ,
Happ rakhi
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